Ertugrul Gazi ki real history | Ertugrul History | Ertugrul | Dirilis 


Ertugrul | Dirilis 


आजकल एक नया किरदार आपके सामने आया है । यह किरदार तो पुराना है लेकिन आज आपके सामने टीवी पर या यूट्यूब दिखाया जा रहा है । Ertugrul Gazi यह जो किरदार है वह 13 वी सदी का किरदार है । आज मैं आपके सामने Ertugrul Gazi History बयां करूंगा । आज मैं आपको Ertugrul के बारे में इसलिए बता रहा हूं , इस किरदार का मौजूदा स्थिति के साथ क्या ताल्लुक है । आज इस सीरियल को दुनिया किस नजरिए से देख रही है । और कहीं जगह पर Ertugrul Gazi के एपिसोड पर पाबंदी क्यों लगाई गई ? और कहीं ऐसी जगहों पर इस सीरियल को दिखाने की इजाजत क्यों दी गई ? आखिरकार इस किरदार में ऐसी क्या बात है जो कि पूरी दुनिया में इसने हलचल मचा दी है ? इन सारे सवालों के जवाब हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे । तो जुड़े रहे हमारे साथ । 

  तो चलिए बिना वक्त को जाया किए शुरू करते है ।

Image Source - Google | Image by - SAFEER AHMAD BHAT

Ertugrul History : 


 अगर बात की जाए Ertugrul History की , दरअसल यह मामला बहुत सदियों पुराना है । जब 13वीं सदी में चंगेज खान से निकलने वाले मंगोलिया , तातार यह हमले कर रहे थे , मुसलमानों पर , यूरोपियन पर हत्ता के यह चीन तक चले गए हमले करते हुए । बेशुमार ऐसे कई मुल्कों पर इन्होंने हमले किए । कई सारे उन्होंने मुल्क फतेह किए । बड़ी लूटमार की और बड़े जालिम इनके फौजी हुआ करते थे । जब उस दौर में यह तबाही फैला रहे थे , तो यह सेंट्रल एशिया के इलाके तक चले गए । सेंट्रल एशिया में एक इलाके की बड़ी सल्तनत थी उसे भी इन्होंने तबाह कर दिया । इन्होंने जब तबाही फैलाही तो वहां से एक कबीला भागा । और उस कबीले का नाम था काई कबीला । इस कबीले का जो सरदार था उस सरदार का नाम था सुलेमान शाह । सुलेमान शाह के चार बेटे थे और तीसरे नंबर का जो बेटा था यह जो सीरियल चल रहा है , यह सीरियल उसके ऊपर बना हुआ है । और उसका नाम Ertugrul था । जिसे Ertugrul Gazi भी कहा जाता है । यह जो बेटा था और उसका खानदान और कभी लेकर कई सारे लोग जो कि इस काफिले में थे वह सब जा रहे थे । दराय फरात को क्रॉस करते हुए इनके कबीले का जो सरदार था सुलेमान शाह , वह इस दरिया में डूब कर हलाक हो गया । फिर इसके बाद सुलेमान शाह के बेटे को कबीले वालों ने कबीले का सरदार बना दिया । जोकि Ertugrul Gazi था । Ertugrul Gazi को कबीले का सरदार बनाने के बाद Ertugrul Gazi अपने भाई को लेकर और कबीले को साथ लेकर तुर्की के तरफ चला गया । क्योंकि वहां पर सूरते हाल थोड़ी बेहतर थी । जब यह कबीला जा रहेे थे , तब यह अनकरा के करीब जंगल था । उस जंगल से बाहर निकलनेेे के बाद एक वादी उन्हें नजर आई । जहां पर दो फौजी आपस में लड़ रहे थे । और उसमेंं से एक जो फौज थी वह अलाउद्दीन की थी । जो कि वह वहां के सुल्तान थे । जो कि एक मुसलमान की फौज थी । 
 और दूसरी तरफ कहा जाता है कि तातारियों की फौजी थी । तातारियों पर गुस्सा होने के कारण Ertugrul Gazi ने अलाउद्दीन का साथ दिया । Ertugrul Gazi की फौज कमोबेश 440 थी यह बहादुरी से लड़ते रहे । Ertugrul Gazi के कारण अलाउद्दीन की हारी हुई जंग वह जीत गए । 
और सुल्तान को यह पसंद आ गए । और सुल्तान ने उन्हें एक पहाड़ी इलाका दे दिया । और कहा कि आप यहां के सरदार बने और इस इलाके को आप संभाले । और सिर्फ दुश्मन को रोकने के लिए हमारी मदद करें । Ertugrul Gazi वहां पर गया और जमकर बैठ गया । 

Ertugrul Gazi के जिंदगी में उनको एक ख्वाब गिरा । उस ख्वाब में उन्हें एक चांद नजर आया , और एक पेड़ नजर आया जिसकी शौक है पूरी दुनिया भर में फैली हुई दिखाई दिया । बहुत दूर तक और कई मुल्कों तक फैली हुई दिखाई दी । उस वक्त उनके मुर्शीद ने उनको बताया कि तुम एक बहुत बड़ी हुकूमत करोगे और तुम्हारे बेटे भी हुकूमत करेंगे । और तुम इस्लाम के लिए और दिन के लिए काम करोगे और तुम्हें चुन लिया गया है । और उन्होंने उनके ख्वाब में चार दरिया और चार पहाड़ भी देखे थे जोकि बाद में वह ख्वाब किस तरह पूरा हुआ । वह चार पहाड़ और चार दरिया उनकी सल्तनत में शामिल हो गए । Ertugrul Gazi ने अपने आसपास के इलाके फतेह किए । और अपनी सल्तनत को बनाता , गया बनाता , गया बनाता गया । और आखिरकार वह वक्त भी आया कि वह अपने वफात के पहले बहुत ताकतवर बन चुका था । 

जब Ertugrul Gazi की वफात हो गई । फिर इनके बेटों में से जो छोटा बेटा था Osman Gazi , इसने Ertugrul Gazi की जगह ले ली । Osman Gazi बड़ा ही पक्का और सच्चा मुसलमान था और बड़ा आदिल आदमी था । फिर इस ने फैसला किया कि वह सल्तनत को जिंदा करेगा । फिर उसने इतने ज्यादा इलाके फतेह किए , इतनी ज्यादा रियासतें फतेह किए । इनकी हुकूमत  इतनी फैल  गई कि इन्होंने 3 बड़े आजमे फतेह किए । इनके पहले तो इनके वालिद ने हुकूमत की जोकि यह सीरियल जिसके नाम पर चल रहा है । फिर इनके बेटे Osman Gazi ने जोकि खिलाफत ए उस्मानिया कायम की जो 3 बड़े आज़मो में फैल गई । इन्होंने लगभग 625 साल हुकूमत की । 

फिर 625 साल हुकूमत करने के बाद इनके अंदर अय्याशी पैदा हो गई , गद्दारी पैदा हो गई , जो की खराबी की सूरते हाल पैदा होने लग गई । और इनके कब्जे में मक्का और मदीना था । मक्का और मदीना पर इनका पूरी तरह से कंट्रोल था । और लगभग 40 देशों पर इनकी हुकूमत छाई हुई थी । जो कि एक बहुत बड़ी हुकूमत उस दौर में गुजरी । लेकिन बाद में जंगे अजीम के बाद इनकी हुकूमत धीरे-धीरे खत्म होने लगी थी । इनकी हुकूमत कमजोर पड़ने लगी थी । इस जंगे अजीम में कई मुआईदे हुए । माली हवाले से कमजोरी होने के कारण यह धीरे-धीरे जंग हारते गए । जो इनकी 40 देशों पर हुकूमत छाई हुई थी वह अब धीरे-धीरे आजाद होने लगे । 

Threat of Lausanne : 


अब फाइनल मुआईदा Lausanne में हुआ । और इसे Threat of Lausanne भी कहते है । फाइनल मुआईदा मैं तुर्की का ख्वाब भी टूट गया । इसमें तुर्की पर कई तरह के कानून लगा दिए । इसमें सबसे पहला कानून था कि , सल्तनत ए उस्मानिया खत्म की जाए , और जितने भी उन्होंने इलाके जीते थे वह सब जप्त कर दिए गए , तुर्की को एक सेकुलर रियासत बना दिया गया । और इसमें यह भी तय कर दिया गया कि तुर्की में इस्लामिक कानून नहीं चलेगा , यहां तक के वहां पर अरबी में अजान भी नहीं दी जाएगी । और साथ ही साथ खिलाफत पर कटघर भी लगा दी गई कि खिलाफत भी नहीं करेंगे और शरीयत की बात भी नहीं करेंगे । और एक बहुत बड़ा कानून तुर्की पर लगा दिया गया कि , वह खुद अपने मुल्क में से पेट्रोल नहीं निकाल सकता । और वह बाहर कहां से भी पेट्रोल नहीं निकाल सकता । बल्कि उसे पेट्रोल को खरीदना होगा । यह बहुत बड़ा मसला तुर्की पर आ गया था । तुर्की में एक समंदर का किनारा है जिसे bosphorus के नाम से जाना जाता है , तो उसमें यह भी कानून लागू कर दिया गया कि bosphorus रिवर में से जितने भी जहाज जाएंगे तुर्की उनसे टैक्स नहीं लेगा । यानी के bosphorus हो इंटरनेशनल रिवर करार दिया गया । और एक बात यह जो कानून लागू किया गया था इसकी मुद्दत 100 साल की थी । यानी के तुर्की सिर्फ 100 साल तक ही इस कानून को फॉलो करेगी । और ये मुवाईदा जुलाई 1923 में हुआ था । अब 2023 में तुर्की आजाद हो जाएगा इन कानून से । 

Resurrection Ertugrul : 


अब आजाद तुर्की क्या हासिल करना चाहेगा यह है आज का सबसे बड़ा सवाल ? क्या तुर्की अपनी खोई हुई सल्तनत वापस लाना चाहेगा ? अब यह याद रखिए Ertugrul के किरदार को सीरियल के जरिए से इसलिए दिखाया जा रहा है कि , जो भी खोया हुआ मकाम है उसको हासिल करना है । यह इनका पहला स्टेप है । क्या ऐसा हो सकता है , आप हमे कमेंट बॉक्स में बताइए । 

अब तक के लिए बस इतना ही मिलते है अगली पोस्ट में । 

Thanks for reading Ertugrul History





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